Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

भीगा वदन ये...

भीगा वदन ये...

1 min 264 1 min 264


होठों से दस्तक

आँखों से शरारत

मंहगी न पड़ जाये

हाय! ये तेरी नज़ाकत


इश्क है माया है, इश्क है साया, 

इश्क नशा है, इश्क हवा है, 

सबको ये खुमार चढ़ा है

इश्क है तू मेरा इश्क है तू

तू ही जुनू और तू ही सुकूँ


भीगा बदन ये तेरा

उफ! ये सरसराहट

मंहगी न पड़ जाये

हाय! तुझे मेरी शराफ़त


इश्क वफ़ा है इश्क सजा है 

सबको ये हासिल न हुआ है

इश्क में फेल तू इश्क में पास है

यहाँ डिग्री नहीं, चलते जज्बात हैं

इश्क है तू मेरा इश्क है तू

दिल भी तू मेरी रूह भी तू

प्यार से छूना तेरा

ये कातिल मुस्कुराहट

मंहगी न पड़ जाये

हाय! ये रात और ये हालत


इश्क भी तू है इश्क भी हम हैं 

जिंदगी में अब नहीं कोई ग़म है

जी लेते हैं आज इश्क को, 

कल की मेरी जाँ किसको खबर है

  

इश्क है तू, मेरा इश्क है तू

'तू' भी 'मैं' और 'मैं' भी तू

इश्क है तू मेरा इश्क है तू

तू ही जुनू और तू ही सुकूँ..


          



Rate this content
Log in

More hindi poem from Blogger Akanksha Saxena

Similar hindi poem from Romance