STORYMIRROR

Archana Saxena

Inspirational

4  

Archana Saxena

Inspirational

भाषा का सम्मान

भाषा का सम्मान

1 min
489

ये तेरी मेरी बात नहीं 

जन जन की यही कहानी है

हिंदी भाषी लगें पिछड़े हुए

 इंग्लिश बोलें अभिमानी हैं


यदि जन्म लिया है भारत में

 थोड़ा तो इस पर गर्व करो

धाराप्रवाह बोल सकते हो पर

 हिंदी बोली पे शरम करो


खुद को समझें तीस मार खाँ

चाहे ज्ञान नहीं हो रत्तीभर

सामान्य ज्ञान में शून्य सही

 अंग्रेजी बोलना आए पर


हद देखो तब हो जाती है

जब घमंड से ये बतलाते

अरे छत्तीस किसको कहते हैं

हम तो ये समझ नहीं पाते


इनकी छोड़ो जरा इनके

 माता पिता की बातें करते हैं

मेरे पुत्र को हिंदी नहीं आती

कह इंग्लिश का दम भरते हैं


जिस बात पे लज्जित होना था

उस पर वो तो इतराते हैं

अंग्रेजी में यदि कच्चा है

 तो उसको नित धमकाते हैं


नमस्ते को अब भूल चुके

हाय हैलो का दम ये भरते हैं 

फिर मिलेंगे कह कर विदा नहीं

बाय बाय टाटा ही करते हैं


अरे भाषा कोई बुरी नहीं 

हर भाषा का अपना सम्मान

जितनी सीखो उतना अच्छा

नित और बढ़े सामान्य ज्ञान


 निज भाषा का अपमान कभी

सम्मान न तेरा बढ़ाएगा

ये तो गुलाम मानसिकता के

 थोड़ा और करीब ले जाएगा


अंग्रेजी क्या जर्मन सीखो

फ्रैंच सीखो और मैंडरिन सीखो

मातृभाषा को भूलो न मगर

सबसे पहले हिन्दी सीखो


गर्व तुम्हें खुद पर होगा 

जब देश का मान बढ़ाओगे

हिन्दी को मस्तक पर रख कर

 भाषा सम्मान बढ़ाओगे


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational