STORYMIRROR

Archana Saxena

Inspirational

4  

Archana Saxena

Inspirational

है गर्व हमें

है गर्व हमें

1 min
313

है गर्व हमें निज भारत पर गर्वित करती यहाँ हर भाषा

पर हिंद के मस्तक पर बिंदी सी चमक रही हिंदी भाषा

है देश हमारा ऐसा जहाँ हर कोस बदल जाता पानी

हर चार कोस पर देखो तो यहाँ बदलती जाती है वाणी

फिर भी तो हिंदी अद्भुत है यह बात सभी ने है मानी

जो तुच्छ भाव से देखें इसे समझूँ मैं उनको अज्ञानी

स्वर व्यंजन अक्षर शब्द ही हैं

हिंदी का प्रारंभिक सा ज्ञान

वाक्य रूपों में व्याकरण में ढल होती जाती समृद्ध महान

रस अलंकार और छंद इसे जब पहनाते सुन्दर गहना

 फिर तो इस हिंदी भाषा के सुंदर स्वरूप का क्या कहना

कर्तव्य समझ कर इक दिन का हिंदी दिवस नहीं मनाना हमें

स्वभाव में और संस्कारों में हिंदी को ही अपनाना हमें

अब और नहीं ये उपेक्षित हो इस बात का दृढ़ संकल्प करें

इक दीप से रोशन कई दीप नन्हे दीपों में तेल भरें

फिर जगमग होगा भारतवर्ष और चमचम चमकेगी हिंदी

सब जुड़ेंगे अपनी जड़ों से जब फिर से निखरेगी ये हिंदी

हिंदी हैं हम, हिंदी से हम, यह बात हृदय में करें धारण

मातृभाषा के प्रति प्रेम जगे होगा हिंदी का विस्तारण।


    


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational