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Mohinder Kaur (Moni Singh)

Abstract

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Mohinder Kaur (Moni Singh)

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भारत के लोग

भारत के लोग

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आज भी गाँव के लोग

निभाते हैं परम्परा

देते हैं सुख दुःख में साथ

मोड़ते नहीं मुख ज़रा


भारतीय संस्कृति की तस्वीर

गाँवों में अभी भी मुकम्मिल

पाश्चात्य संस्कृति के पीछे

शहरों में हैं हिलजुल


मेहनत, सादगी, परंपरा

जब तक बसी गाँवों में

विश्व के लोग भारत को

वासी मानते देवताओं के


अपनी संस्कृति से मुहँ न मोड़े

परंपरा का निर्वाह करें

सोने की चिड़िया फिर बने भारत

आध्यात्म की राह पर भी चलें


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