STORYMIRROR

Mohinder Kaur (Moni Singh)

Others

2  

Mohinder Kaur (Moni Singh)

Others

जीवन गागर

जीवन गागर

1 min
197

झुलसाती गर्मी के बाद

घिर आए जब बादल

और होने लगी बारिश

तन - मन को मिला

शीतलता का आँचल


बरामदे में बैठकर

चाय की चुस्कियों के संग

खुल गया यादों का पिटारा

मन रंगा अतीत के रंग


नदी बन जाती

गांव की गलियां

हाथों में थामे

कागज की कश्तियाँ


कश्तियों में तैरते स्वपन

स्वप्नों की डोर थामे

पहुंच गए महानगर में


साथ बनी रही

कागज की कश्ती

जो डूबती उतराती

आंधी - पानी में


पता नहीं कब कश्ती

नदी में समा जाए

और नदी बन जाए सागर

रिक्त हो जाए जीवन गागर


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन