" भाग्य "
" भाग्य "
भाग्य का लिखा मिटाना
मुश्किल ही नहीं
नामुमकिन है,
भाग्य में लिखा होकर रहता है।
यों लोग कहते हैं
कि उसने अपना भाग्य
बदल दिया,
पर सच है कि वह भाग्य में लिखा होता है।
अमीर लोगों को नीचे गिरते ,
गरीबों को ऊपर उठते
देखा गया है।
उनके कर्मों के अनुसार भाग्य में वही लिखा होता है।
हाॅं , ये सही है कि ,
व्यक्ति के कर्म ही भाग्य बनाते हैं ,
इसलिए अच्छे कर्म कर
ईश्वर द्वारा अच्छे भाग्य लिखवाना
संभव है।
इस जनम का कर्म
अगले जनम में
व्यक्ति के अच्छे भाग्य लेकर आता है।
इसलिए अच्छे कर्म करने चाहिए।
