Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Anju Singh

Abstract


4.7  

Anju Singh

Abstract


बेटी की विदाई

बेटी की विदाई

1 min 404 1 min 404

कल की ही तो बात है 

तू मेरे गोद में आई 

तेरी किलकारियों ने 

घर मेरी खूब गुंजाई


तेरी मुस्कानों से‌ हर दिन

मेरा खिलखिलाया था

घुटनों के बल चल-चल कर 

तुमने खूब मुझे सताया था


नन्हे कदमों से भागकर तूने

मुझे भी खूब भगाया था

सारे घर वालों पर तूने 

आसमान सर पर उठाया था


तेरी प्यारी प्यारी बातें रोज

मुझे तो छलती थी

तेरी प्यारी नटखट हरकतें

मेरे मन को छूती थीं


देखते ही देखते 

तू आज बड़ी हो गई

तेरी हर एक बात 

मेरे मन को गर्व से भर गई


आज तुम्हें यूं देखकर 

ऑंखें भर -भर आई

तुझे दुल्हन रूप में देखकर

लग रहा है कैसे करूं विदाई


घर के बाहर खड़ी है डोली

देख रही हूं सच्चाई

मुझसे बिछड़ने के लिए ही तो

शायद तू मेरे जीवन में आई


जीवन भर की खुशियों को

ले जा साथ सदा तू

मैं मिलूंगी खड़ी यही

जब भी मुड़ कर देखेगी तू


आज वो मुझसे लिपटकर

जाने किस ओर चली

मेरा तो सब कुछ ले वो

जानें किस देश चली


आज एहसास हुआ उम्र का 

जब बेटी की उठी डोली

सब कुछ खाली हो गया

जब बेटी दूर चली


जा बेटी खुश रहना तू

मैंने दुनिया की रीत निभाई

तेरी खुशियों के लिए 

कर रही तेरी विदाई


Rate this content
Log in

More hindi poem from Anju Singh

Similar hindi poem from Abstract