STORYMIRROR

manasvi poyamkar

Romance

4.8  

manasvi poyamkar

Romance

बेजुबान समय की इजाजत

बेजुबान समय की इजाजत

1 min
3.0K


बेजुबान इस समय को

अगर बोलने की इजाजत होती

कितनी दास्ताने रुबरू कर

हर चाहत जमाने में आबाद होती

हर लम्हा देता एक सलाह

क़िस्सों की महफ़िल तमाम होती

बयान न हुई उनकी हर तारीफ

हर अदा की गुलाम होती


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance