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Anupama Thakur

Tragedy

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Anupama Thakur

Tragedy

बदलता भारत

बदलता भारत

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सोच के परे कर गुजरने की

कल्पनाओं को सच करने की

हिम्मत, आज भारत में आई है,

दुनिया की जुबां पर आज

फिर भारत की कहानी आई है।

 

हौसले पस्त कर दिए शत्रुओं के हैं

उनकी जलन में भी,

भारत का लोहा मानने की

खुशबू आई है।

 

भारत भूमि पर,

ये किसकी शिरकत हुई है?

जो चाँद की जमीं भी

आज भारत की हुई है।

 

हैरान है कुछ अभिमानी

न भ्रष्टाचार, न बेईमानी,

देवदूत है,

या है कोई ताकत इंसानी

इत्तेफाक है, या इबादत है

या फिर है

ईश्वर की मेहरबानी?

 

अब दुनिया भी मान चुकी है

नहीं है उसका कोई सानी,

भारत को विश्वगुरु बनाने की

उस अवतारी ने है ठानी।

 

जय- जय हो माँ भारती तेरी,

अब न जाएगी व्यर्थ

तेरे वीर सपूतों की कुर्बानी,

विश्व भर में फिर गाई जाएगी

तेरी कामयाबी की कहानी।

 

विश्व भर में फिर गाई जाएगी

तेरे कामयाबी की कहानी।।


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