बदल गया संसार
बदल गया संसार
गीत
बदल गया संसार
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हुआ है मुझको शायद प्यार
चढ़ा है मुझ पे आज खुमार।
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जिसकी जो मर्जी हो कहले,
मन मेरा ख्वाबों में टहले।
स्वप्न लोक के शहजादे को,
देखा नहीं कभी था पहले।
उसको पहले पहल देखकर
बदल गया संसार।
हुआ है मुझको शायद प्यार
चढ़ा है मुझ पे आज खुमार।
*
उसकी यादें पल पल मेरे,
घेरे रहती शाम सबेरे।
कोई मिला है जो कहता है,
तेरे सारे गम है मेरे।
डूब गई उसकी उल्फत में
हुई हूँ मैं बीमार।
हुआ है मुझको शायद प्यार
चढ़ा है मुझपे आज खुमार।
*
मीठा मीठा दर्द है दिल में,
कौन चला आया महफिल में।
उन्मादित है रग रग मेरी,
पहुँच गई मैं किस मंजिल में।
"अनन्त" बिस्मिल है दिल मेरा
लगा है कैसा वार।
हुआ है मुझको शायद प्यार
चढ़ा है मुझ पे आज खुमार।
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अख्तर अली शाह "अनंत" नीमच

