STORYMIRROR

Kinjal Yadav

Abstract

3  

Kinjal Yadav

Abstract

बच्चे

बच्चे

1 min
435

मिलती है खुशी बच्चें बोलते है जब,

मिलती है खुशी बच्चें डोलते है जब।


छल कपट न जाने वो,

सब को सच्चा माने वो।


मां की आंख के तारे वो,

पिता के दिल से प्यारे वो।


उनकी लीला अपरमपार है,

हमारी समझ से बाहर है।


जब वह चाहें हस देते हैं,

जब वह चाहें रो देते हैं।


भोली सी है सूरत उनकी,

प्यारी सी है नियत उनकी।


माता - पिता पर है वो निर्भर,

उन्हें वो देते खुशियों हर पल।


उन्हें बहुत प्रेम है करना क्योंकि,

सबसे साफ दिल है उनका।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract