बच्चे का मुस्कान और बचपन
बच्चे का मुस्कान और बचपन
क्या सुंदर है आज का दिन!
जिसमें मैंने देखा एक बच्चे की मुस्कान,
कैसे खिलखिलाकर हँस रहा था वह!
याद आ गया मुझे मेरा स्थान,
मेरा बचपन और मेरी मुस्कान।
कितना प्यारा था उसका हँसना ,
जिसे देख आ गया मुझे रोना।
बस याद आ गया तभी,
मुझे मेरा पथ,
तो छोड़ आई उस वहीं,
उसके मां के साथ।
