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Saibalini Rayaguru

Tragedy

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Saibalini Rayaguru

Tragedy

बच्चे का मुस्कान और बचपन

बच्चे का मुस्कान और बचपन

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क्या सुंदर है आज का दिन!

जिसमें मैंने देखा एक बच्चे की मुस्कान,

कैसे खिलखिलाकर हँस रहा था वह!

याद आ गया मुझे मेरा स्थान,

मेरा बचपन और मेरी मुस्कान।

कितना प्यारा था उसका हँसना ,

जिसे देख आ गया मुझे रोना। 

बस याद आ गया तभी, 

मुझे मेरा पथ,

तो छोड़ आई उस वहीं,

उसके मां के साथ।


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