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Amrita Rai

Tragedy

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Amrita Rai

Tragedy

बैठे बैठे

बैठे बैठे

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बैठे बैठे ही 

सहम जातेे हैं हम 

जब पुरानी यादें ताजा हो जाती है

मन सिहर जाता है 

खिलखिलाता चेहरा भी मुरझा जाता है

काश वो यादें दिल के किसी कोने मे

दफ़न हो जाए ऐसे जैसे जिंदगी के किताब 

में वो पन्ना कभी रहा ही ना हो।।


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