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aazam nayyar

Abstract

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aazam nayyar

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बात मेरी ये सनम तू मान ले

बात मेरी ये सनम तू मान ले

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बात मेरी ये सनम तू मान ले!

छोड़ दे करना गिला तू मान ले 


जिंदगी में प्यार मुश्किल से मिलता 

तू खफ़ा मत हो यूं बातें मान ले


जिंदगी में तन्हा वरना होगा तू

छोड़ दे जिद प्यार है तू मान ले


लौट आ तू शहर से ही गांव में 

अब ज़रा मेरा कहा तू मान ले


छोड़ भी अब दुश्मनी दिल से अपनें 

दोस्ती दिल से ज़रा तू मान ले 


तोड़ने का बात मत कर आज़म से 

प्यार का तू दिल से रिश्ता मान ले! 

आज़म नैय्यर 


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