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बात दिल की

बात दिल की

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बात दिल की जुबान तक पहुंची

ज़िन्दगी इम्तिहान तक पहुंची

दिल में कुछ तो ज़रूर था

जो कि तल्खी जुबान तक पहुंची

उनके आने से ये हुआ हासिल

खुशियाँ मेरे मकान तक पहुंची

ज़िन्दगी कुछ दिनों की मेहमां है

उम्र अपनी ढ़लान तक पहुंची

हाय ये दौरे मुफलिसी तौबा

मौत बेबस किसान तक पहुंची

मुद्दआ शोर का उठा जब भी

बात केवल अज़ान तक पहुंची

उसने उर्दू में गुफ्तगू की है

एक शीरीं सी कान तक पहुंची

हुक्मरां मस्त हैं सियासत में

आह कब उनके कान तक पहुंची

दिल अक़ीदत से भर गया अपना

जब नज़र आसमान तक पहुंची।


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