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Roshan Baluni

Inspirational

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Roshan Baluni

Inspirational

"प्रेम"

"प्रेम"

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घर-आँगन में महक हो

प्रेम बेलि तू बोय।

सुरभित पुष्पों से सभी

सम्मोहित सब होय।।


साँझ - सवेरे प्रेम से

बोलो जय श्री राम।

द्वेष-दंभ सब ही मिटे

पायेगा सुखधाम।।


प्रेम सकल संसार की

 औषधि है अनमोल।

घृणा दूर कर चित्त से

मीठी बोली बोल।।


बड़े-बुजुर्गों का करो

 दिल से तुम सम्मान।

सेवा से मेवा मिले

पाओगे  वरदान।।


मानव का कर्तव्य है

 जीव-जगत से प्यार।

प्रभु सेवा,उपकार से

 चलता  है  संसार।।


उस ईश्वर की है दया

पाया मानव रूप।

भज ले अब तू प्रेम से

रब के भिन्न स्वरूप।।


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