STORYMIRROR

Roshan Baluni

Inspirational

4  

Roshan Baluni

Inspirational

माँ तुझे फिर क्या बताऊँ !

माँ तुझे फिर क्या बताऊँ !

1 min
494

माँ तुझे फिर क्या बताऊँ आज मैं।

बोझ ढोकर थक गई हूँ आज मैं।।


चाह  थी  बेटा  जनेगा,  मैं  हुई,

हाथ  माथे  पे  रखे, जब मैं हुई।

याद करती हूँ समय को आज मैं,

माँ तुझे फिर क्या बताऊँ आज मैं।।


मैं पहाड़न गर्व था  मुझको कभी,

मारते  हैं  गर्भ  में मुझको अभी।

हूँ अकेली इस खलक में आज मैं,

माँ तुझे फिर क्या बताऊँ आज मैं।।


जिंदगी  कैसी  अभागी  थम  गई,

धूल - मिट्टी - कंकणों  में रम गई।

लाडली  तेरी  थकी  हूँ  आज  मैं

माँ तुझे फिर क्या बताऊँ आज मैं।।


अम्बिका - रण-चंडिका तू ज्ञान दे!

हे  भवानी !  हे  मृडानी ! मान  दे!

तव  शरण  हूँ देवि दुर्गा! आज मैं,

माँ तुझे फिर क्या बताऊँ आज मैं।।


माँ  तुझे फिर क्या बताऊँ आज मैं।

बोझ ढोकर थक गई हूँ आज मैं।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational