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सोनी गुप्ता

Abstract Romance Classics

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सोनी गुप्ता

Abstract Romance Classics

बारिश की बूँदें

बारिश की बूँदें

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बारिश की बूँदें और ये मौसम का खुमार

हर एक बूंद दिल को छुए और कहे सिर्फ तुम से है प्यार

मौसम की लहर और यूँ तेरा मुस्कुराना

जब बारिश आती दिल में बजता तेरे ही प्यार का तराना


तुम मेरी जिंदगी की बरसात बन गई

मेरे मन को भीगोकर जीवन में मेरे कई खुशियाँ भर गई

हर बूंद में तेरे ही प्यार का अहसास है

तुम जीवन में मेरे बादल से आई बूँदें बनकर बरस गई


चाहत की बूंदों में तुम ऐसे समाए हो

जैसे मेरी रूह की गुनगुनाती यादों संग बूंद बनकर आये हो

बारिश की बूंदों में तुम्हारी खुशबू आती

लगता जैसे इस बरसती बूंदों संग तुम मुझे छूने आये हो


हर बूंद गिरती मेरे दिल को छू जाती

काश प्यार की इस बारिश में तुम मुझसे मिलने आती

तुम्हारे इंतजार में जिस जगह को निहारता

काश उस हर राह पर मुझे सिर्फ तुम ही तुम नजर आती


यादों की धुंधली राहों पर नज़र आती

हर बूंद महकती जब हर जगह तुम ही तुम हो दिखती

खुशियों से महक उठती बरसात की झड़ी

रिमझिम बूंदों सी बरसकर जब कानों में है कुछ कहती।


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