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Swati Tyagi

Classics

3  

Swati Tyagi

Classics

बारिश की बूँदें

बारिश की बूँदें

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ये बारिश की बूँदें,

अम्बर से ज़मीं पे कूदे

सब धुला सा लगे

नया नया लगे


ये बारिश की बूँदें,

बादलों के संग दौड़ें

कभी सूरज दिखाये नख़रे

कभी आसमान में सात रंग बिखरें

आठवाँ कागज़ की कश्ती का है

बारिश में भीगी मासूम हँसी का है।


ये बारिश की बूँदें,

अम्बर से ज़मीं पे कूदे

जाने कितने मौसम बदले

कोई खुश हो, कोई पल में रो दे।


ये बारिश की बूँदें,

अम्बर से ज़मीं पे कूदे।


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