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Anita Chandrakar

Romance

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Anita Chandrakar

Romance

बाँहों का सहारा

बाँहों का सहारा

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जीवन बीत जाएगा हँसते हँसते, ग़र साथ हो तुम्हारा।

कोई मंज़िल मुश्किल नहीं, हो ग़र तेरी बाँहों का सहारा।

मेरे आँचल में पलती ख़ुशियाँ, महकता मन का आँगन।

कर दो प्रेम की बरसात पिया, ज्यों बरसता है सावन।

पल्लवित पुष्पित नव आशाएँ, छँट जाती हैं बदली।

उत्साह उमंग की किरणें, लेकर आती धूप उजली।

भय नहीं अब किसी बात का, चाहे आ जाये तूफ़ान।

थाम लेना मुझे प्यार से, ख़िल उठेगी होंठों पर मुस्कान।

जन्नत सा सुख तेरी बाँहों में, यहीं बसता है मेरा संसार।

सँवरी निखरी ज़िंदगी मेरी, पाकर तुम्हारा सच्चा प्यार।



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