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Dheeraj kumar shukla darsh

Tragedy

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Dheeraj kumar shukla darsh

Tragedy

बालश्रम इक अभिशाप

बालश्रम इक अभिशाप

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भारत माता के माथे पर

एक कलंकित दाग है

बालश्रम छोटे बच्चों पर

आज भी इक अभिशाप है

भारत के भविष्य का 

देखो कैसा अपमान है

श्रमिक बनाकर करते हैं

बचपन से खिलवाड़ है

कानून हर समस्या का

होता नहीं समाधान है

समाज का बदलना जरूरी

बालश्रम क रोकथाम है

शिक्षा रूपी परिश्रम से

जोड़ के छोटे बच्चों को

बालश्रम को रोक लो

वो भी भारत क संतान हैं

भारत माँ उन पर भी

करती देखो अभिमान है।



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