STORYMIRROR

Rishab K.

Abstract Inspirational

3  

Rishab K.

Abstract Inspirational

असर कर।

असर कर।

1 min
137

कर मुक़ाबला तू ख़ुद से,

दुनिया की ना फ़िकर कर,

है जीतना तुझे कल से,

 तू आज का ज़िकर कर,


देख तू बस लक्ष्य अपना, 

मुसाफ़िर तू सफ़र कर,

ठाना है तो चढ़ जाएगा,

 कल को तू शिखर पर,


गर साँस भारी हो रही ,

थोड़ा रुक के तू सबर कर, 

पर मुड़ के तू ना देखना,

बस ख़ुद पे तू फकर कर,


और लेता जा हर तजुर्बा,

हुनर आएगा निखर कर, 

लोग बनना चाहे तुझ जैसा,

कुछ ऐसा तू असर कर।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract