STORYMIRROR

Kishor Zote

Tragedy

3  

Kishor Zote

Tragedy

अस्पताल

अस्पताल

1 min
264


अस्पताल क्यूं है खाली 

कैसा मातम छाया है ?

किसने मचाया कोहरा

इतना सन्नाटा क्यूं है ?


ना कोई मरीज दिखता

ना कोई दवा की सलाईन !

सब कुछ बिखरा पडा

हालात क्यूं बिगड़े है ?


किसने शुरुआत की

अंत क्या होनेवाला है ?

देखो हर एक गुंज क्यूं

खामोश सी हो गई है ?


जीसने भी ये कुछ किया

इंन्सान के नाम कलंक है !

जीवन देने वाली जगह को

श्मशान क्यूं बना दिया है ?



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Kishor Zote

सच

सच

1 min पढ़ें

आसमान

आसमान

1 min पढ़ें

अनमोल

अनमोल

1 min पढ़ें

आँसू

आँसू

1 min पढ़ें

याद

याद

1 min पढ़ें

शक

शक

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Tragedy