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Sumit Kumar

Romance

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Sumit Kumar

Romance

अपने आवाज़ मिलो दो मेरे आवाज़ से..

अपने आवाज़ मिलो दो मेरे आवाज़ से..

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 मेरे दिल की थी जो गुजारिश..

तुमने ठुकरा दी बड़े प्यार से.. 


अब मान भी जाओ..

आके अपने आवाज़ मिला दो ..

मेरे आवाज़ से.. 


सात जन्मों का रिश्ता कैसे टूट जाये..

दो पल के ठराव से..

हर जन्म की कसमें निभा के सजन 


रखूँ मैं तेरे सपनो को बड़े नाज से.. 

अब गीत में लिखूँ मैं कैसे पूरा..

जब शब्द ना आये तेरे दिल की अल्फ़ाज़ से.. 

अब मान भी जाओ..

आके आवाज़ मिलो दो मेरे आवाज़ से.. 


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