Antariksha Saha
Tragedy Fantasy Inspirational
भटके हुए राही को साहिल का पता नहीं पूछते
चोट खाए हुए आशिक से अपनों का हाल नहीं पूछते
पर दुनिया को इसी मे मज़ा आता है
बस अपनी ज़िन्दगी तुम जिओ और मुझे जीने दो
यही कहना है
समय के साथ हर घाउ भर जाता है
कृपया अपने राय अपने पास रखिए।
मूरत
घाव कुछ गहरे ...
ख़ामोशी
मजदूर
झूठी मुस्कान
लक्ष्य
फ़ोन नंबर
मीठी चासनी
घर
angrayian
चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर । चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर ।
जो मिले थे गुल कहीं खिले, वो स्वप्न सब धूल में मिले। जो मिले थे गुल कहीं खिले, वो स्वप्न सब धूल में मिले।
हर प्राणी बेचैन है, धरती हुई अधीर। इंद्रदेव कर के कृपा, बरसा दो कुछ नीर।। हर प्राणी बेचैन है, धरती हुई अधीर। इंद्रदेव कर के कृपा, बरसा दो कुछ नीर।।
यही फलन है जब नवपीढ़ी आँसू से सन जाती है सहिष्णुता जब हद से बढ़ती कायरता बन जाती है ... यही फलन है जब नवपीढ़ी आँसू से सन जाती है सहिष्णुता जब हद से बढ़ती कायरता बन जाती ह...
व्यभिचारी भी क्या आखेटक नहीं? मासूम बच्ची को बना शिकार हवस का। व्यभिचारी भी क्या आखेटक नहीं? मासूम बच्ची को बना शिकार हवस का।
पड़ी रहती हूँ घरों में एक सजावट की वस्तु बनकर। पड़ी रहती हूँ घरों में एक सजावट की वस्तु बनकर।
हे प्रकृति की मासूम प्रतिनिधि! हम तुम्हारे अपराधी हैं.. हे प्रकृति की मासूम प्रतिनिधि! हम तुम्हारे अपराधी हैं..
हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था
सात दिनों के सात रंग में रंगी हुई इसकी प्रेम कहानी है। सात दिनों के सात रंग में रंगी हुई इसकी प्रेम कहानी है।
हे ब्रह्मदेव ! तुम नहीं जानते कितना कठिन होता है। हे ब्रह्मदेव ! तुम नहीं जानते कितना कठिन होता है।
अब स्वतंत्र है वो तो पराश्रित मैं भी नहीं इस अर्थहीन पानी का अर्थ कुछ भी नहीं। अब स्वतंत्र है वो तो पराश्रित मैं भी नहीं इस अर्थहीन पानी का अर्थ कुछ भी नहीं...
मुझे माफ़ करना पुष्प, मैं अपने दिल को समझा न पाया, तुम्हें तो पता ही होगा कि दिल के पास। मुझे माफ़ करना पुष्प, मैं अपने दिल को समझा न पाया, तुम्हें तो पता ही होगा कि द...
एक सवाल मेरा भी सुन लो मैं धरती की पुकार हूँ मैं जन्मी एक नन्ही सी जान इंसानियत पर। एक सवाल मेरा भी सुन लो मैं धरती की पुकार हूँ मैं जन्मी एक नन्ही सी जान ...
नादां नारी.. वो तुम्हें बड़े प्यार से छलेगा और तुम उसके छल को प्यार समझोगी.. नादां नारी.. वो तुम्हें बड़े प्यार से छलेगा और तुम उसके छल को प्यार समझोगी....
आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़ने का जुगत आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़न...
कुछ विनष्ट करते हैं और सृष्टि तटस्थ रहती है! कुछ विनष्ट करते हैं और सृष्टि तटस्थ रहती है!
द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण
दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है। दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है।
मुझे लगता है यह जीवन रंगमंच है और मैं बस एक कुशल अभिनेत्री हूँ। मुझे लगता है यह जीवन रंगमंच है और मैं बस एक कुशल अभिनेत्री हूँ।
आखिर क्यों लाखों परिवार न्याय से वंचित रह जाते है। आखिर क्यों लाखों परिवार न्याय से वंचित रह जाते है।