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Sunanda Aswal

Abstract Fantasy

4  

Sunanda Aswal

Abstract Fantasy

अंतरिक्ष पर यात्रा

अंतरिक्ष पर यात्रा

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अंतरिक्ष पर यात्रा

शून्य को भेद पृथ्वी से नभ लोक भ्रमण,

दूरदर्शन पर दर्शक झूमें देखे, अद्भुत अंतरिक्ष गण.।

प्रथम भेजा स्वान नामक लाइका,

यूरी गगारिन मनुष्य नागरिक सोवियत रूस का.।

विमान में विराजमान अनंत यात्रा,

त्रिलोक में मानव की बुद्धि का बजता डंका ..।

शक्तियां जीतता बुद्धि से अपार सफलता,

बौद्धिक विकास की ओर कदम बढ़ाता..!

प्रारंभ में दस से शून्य के मध्य संख्या गिनता,

अद्भुत जिज्ञासा दर्शाता, रोमांच पाता .।

शून्य से उठता, एक विश्वास जगाता,

शक्ति, बल, बुद्धि, विवेक प्रसन्नता को हर्षाता ..!

धूल के कण बिंदु सा शून्य के महत्व समझाता,

जीवन से अंतरिक्ष में पंचम ज्ञान को छूता ..!

अंतरिक्ष के पार पर्दापण का कदम मनुष्य का,

मुठ्ठी में शक्तियों के बल को आजमाता ..!

ज्ञान से विज्ञान के मार्ग को चुनता,

विजय रथ पे सवार हो ओज भरता..!



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