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V. Aaradhyaa

Classics Fantasy Inspirational

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V. Aaradhyaa

Classics Fantasy Inspirational

अंत से अनंत

अंत से अनंत

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तेरी शरण में ज़ब से आए

जिंदगी की पतझड़ का अंत हुआ। 

मेरा जीवन तो अब जैसे,

कभी न खत्म होने वाला बसंत हुआ।


कभी सोचा भी न था कि,

जिंदगी फिर से मुस्कुराएगी !

तेरी दया सागर से,

आचमन कर जीवन अरिहंत हुआ।


कुछ यूँ बदल सा गया सब,

कि मुश्किलों का अंत तुरंत हुआ !

तेरी भक्ति में खो गए प्रभु,

कि अपना साथ अंत से अनंत हुआ !


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