STORYMIRROR

अच्युतं केशवं

Drama

3  

अच्युतं केशवं

Drama

अंजुरी आँचल पसारे

अंजुरी आँचल पसारे

1 min
12.2K

अंजुरी आँचल पसारे

प्रार्थना संझा-सकारे


हम सुखी हों देव मेरे,

हों सुखी हमसे हमारे 


मैं जलाऊँ दीप ठाकुर,

नित्यप्रति द्वारे तुम्हारे


लग सकेगी किस विधी से,

सिन्धु में नौका किनारे


आस आश्वासन तुम्हीं हो,

हम सहारे बस तुम्हारे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama