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Harshita Srivastava

Drama

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Harshita Srivastava

Drama

अंजान

अंजान

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हम सब है बस इंसान

कल क्या हो इससे अंजान


आज में ही जी ले जो

वो ही तो है बुद्धिमान


अच्छे कर्म करने से

बनते है सब महान


अपना तो सपना है ये

होता रहे सबका कल्याण


हम जन जन के कर्मों से

होता है देश का मान


इसलिए सब मिलकर के

अपनाओ सद्ज्ञान।


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