STORYMIRROR

Harshita Srivastava

Others

2  

Harshita Srivastava

Others

प्रेमजाल

प्रेमजाल

1 min
211

तेरा प्यार पल पल

मेरे साथ चलता है

सुबह सूरज सा

निकल सांझ ढलता है।


तू वो है जिसके लिए

मन मचलता है।

जैसे संगीत अब

सदाओं में बहता है।

ओह ये कैसी उलझी

उलझी लटें है।

जैसे बादल बिना

बारिश के बरसता है।

फिर कहां कोई जीता है

कहां मरता है।

हर शख्स जो किसी

प्रेमजाल में होता है।



Rate this content
Log in