अंडरस्टैंडिंग
अंडरस्टैंडिंग
सब ( प्रेम विवाह वाले ) पति - पत्नी कहते हैं कि
हम एक दूसरे को समझते है 90% झूठ बोलते हैं
सच बोलने वालों का प्रतिशत बहुत कम है ( मैं 10% में हूँ )
यही सच मेरे शब्दों में पढ़िए......
" अंडरस्टैंडिंग "
जब बातें थी अनगिनत सुनाने को
उस वक्त एकांत की कमी खली
अब एकांत ही एकांत है
तो बातें ढूंढ़े नहीं मिली,
मिलती भी हैं तो वो बाते
जो दूसरों को सुनाने के लिए
चिल्ला कर कही जाती हैं
उसके बावजूद भी समझ नहीं आती हैं,
बड़े - बड़े दावे थे " अंडरस्टैंडिंग " के
बिन कही बातों को समझने के
सब खोखले हो गये
सारे दावे धरे के धरे रह गये,
उन खोखले दावों मे अब बस
सरसराती हवा है आती - जाती
कभी - कभी तो ये मुयी हवा भी
दबी जुबान में ताने दे जाती,
कहती इस युग में सब प्रेम
मेरी तरह हवा हो जाता है
ना मैं पकड़ में आती हूँ
ना वो पकड़ में आता है,
जिसने प्रेम किया
वो बिना मिले अमर हो गये
तुमको तो मिलन और प्रेम दोनो चाहिए
ये व्यापार नहीं है
जहां नुकसान को भी
नफा में बदलने का गुर आता है
एक प्रेम ही है जहाँ
अच्छे से अच्छा भी मात खा जाता है।

