STORYMIRROR

मधुलिका साहू सनातनी

Abstract Tragedy Classics

4.0  

मधुलिका साहू सनातनी

Abstract Tragedy Classics

अमेरिका

अमेरिका

1 min
11

अमेरिका
क्या तुम्हे नहीं याद
परसों नेता जी ने
यहीं भाषण दिया था
इसे अमेरिका बना दिया जायेगा
टूटी छतें
बड़ी इमारतों मे बदल जाएंगी
समाँ बदल जायेगा
भूख क्या होती है
सब भूल जायेंगे
आज मैदान खाली पड़ा है
खाली पत्तले फैली हैं
कागजी गिलासों मे
बच्चे कुछ ढूंढ़ रहे हैं
शायद अमेरिका ........


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract