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मधुलिका साहू सनातनी

Abstract Tragedy Classics

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मधुलिका साहू सनातनी

Abstract Tragedy Classics

अमेरिका

अमेरिका

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अमेरिका
क्या तुम्हे नहीं याद
परसों नेता जी ने
यहीं भाषण दिया था
इसे अमेरिका बना दिया जायेगा
टूटी छतें
बड़ी इमारतों मे बदल जाएंगी
समाँ बदल जायेगा
भूख क्या होती है
सब भूल जायेंगे
आज मैदान खाली पड़ा है
खाली पत्तले फैली हैं
कागजी गिलासों मे
बच्चे कुछ ढूंढ़ रहे हैं
शायद अमेरिका ........


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