आसमां तो और भी हैं
आसमां तो और भी हैं
बहुत कठिन है
खुद को सम्हालना
बहुत कठिन है
दिल को समझाना
मर्मान्तक पीड़ा झुठलाना
पर कठिन तो नहीं
बचा जो उसे सम्हालना
और असम्भव भी नहीं
दिल को बहलाना कि
दिल मे जगह तो है
माना कठिन है
सपने संवारना
पर सपने फिर से
बुन तो सकते है
नयी माला बनाना
कठिन सही पर
एक एक कड़ी बैठना
असंभव तो नहीं
आसमां तो और भी हैं
