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GUDDU MUNERI "Sikandrabadi"

Romance

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GUDDU MUNERI "Sikandrabadi"

Romance

अक्सर

अक्सर

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कैसे एक दूजे के हो जाते है 

अक्सर प्यार तो होता है आँखों ही आँखों में,


हम बोलते कुछ नहीं फ़िर ना जाने क्यूँ

अक्सर बात बन जाती है बातों ही बातों में।


वो कौन हो सकती है जो हमें चाहे 

अक्सर ये सवाल कोई नया नहीं होता,


इन्तजार का कोई वक़्त तय नहीं

अक्सर मिल जाए प्रेमी ये तय नहीं होता।


झूठ नहीं होती वफाओं की बातें 

अक्सर कोई इल्जाम दिया नहीं जाता,


ये प्रेम पर शक है आँखों का नजरिया 

अक्सर शिकवा-गिला कोई किया नहीं जाता।


तुम चाहो तो चाहते रहना किसी को 

अक्सर एक तरफा प्यार-प्यार नहीं होता,


प्यार कोई समझ जाए तो जिन्दगी 

अक्सर किसी का प्यार मुकम्मल नही होता।


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