Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Pratiman Uniyal

Romance

2.5  

Pratiman Uniyal

Romance

अक्सर उस चाँद तले

अक्सर उस चाँद तले

1 min
248


अक्सर उस चाँद तले मैं बैठ जाता हूँ

घंटो अपलक तुझे ही देखा करता हूँ

एक बार तूने ही कहा था

गर देखना हो मुझे, तो चाँद देखना

क्योंकि जितना निकलता यह तेरे घर

उतना ही दिखता मेरे घर


सालों साल क्रम निरंतर अब

तक चला आ रहा है

चाँद से पूछता अभी तक

कि जो लड़की चाँद में मुझे दिख रही

क्या वह वही है

एक नरम हवा का झोंका तब बतलाता

हाँ यह वही है

देखो, वह हँस दी

चाँद भी खिलखिला जाता


Rate this content
Log in