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Devendraa Kumar mishra

Classics

3  

Devendraa Kumar mishra

Classics

अकेले भला

अकेले भला

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क्या कहा तुमने 

आदमी की इज़्ज़त होती है पैसों से 

उसके पद से, उसकी संपत्ति से 


ये तो पैसों और संपत्ति का सम्मान हुआ 

और अकेले आदमी का कुछ नहीं 


जहां आदमी का मान नहीं, वहां क्या रहना 

और क्या बनाना 

मैं अकेला भला।


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