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Deepak Kumar Shayarsir

Action

3  

Deepak Kumar Shayarsir

Action

अजीब बात है ना ?

अजीब बात है ना ?

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क बाप,

अपने बेटे को,

खो देता है,

एक माँ का,

प्यारा सा लाडला,

छीन जाता है,


एक पत्नी का,

सुहाग,

लुट जाता है,

एक बेटे का,

एक बेटी का,

बाप जुदा,

हो जाता है,


फिर भी,

देश पे,

कुर्बान करने,

सदा एक और,

भाई, बेटा, बेटी,

माँ, पिता,

देश पे निसार,

होने को,

तैयार,

रहता है।


अजीब बात है ना ?

बहकावे में,

एक आतंकी,

इसलिए खुद को,

उड़ा लेता है,

के होगी उसके,

नापाक इरादों,

की पूर्ति।


अजीब बात है ना ?

सोशल मीडिया में,

खुद को देशभक्त,

बताकर तारीफें,

सबसे बटोरना,


बेवजह एक दूजे से,

हरदम लड़ते रहना,

धर्म और जाति में,

क्लेश भरकर,

ये बताना कि

फलाँ राज्य में,

फलाँ आदमी,

हीं बेईमान है,

या फिर अच्छा है,


अजीब बात है ना ?

कोई सिपाही,

हमारी रक्षा को,

तपती धूप में,

खुद तपता है,

बाढ़ में घंटों,

भीगता है,


जान दे देता है

अजीब बात है ना ?

तिरंगे में लिपटा हुआ,

वो जांबाज लौटता है,

और चंद दिनों बाद,

फिर से तिरंगे में,

लिपट कर,

वो लौटता है,


शहादत,

शहादत,

शहादत,

अजीब बात है ना ?




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