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Vijay Kanaujiya

Romance

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Vijay Kanaujiya

Romance

ऐसा मेरा प्रेम है न्यारा

ऐसा मेरा प्रेम है न्यारा

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इक दूजे का साथ हमारा

लगता है ये हमको प्यारा

साथ न छूटे कभी हमारा

रिश्ते का ये बंधन प्यारा।


साथ तुम्हारा मन को भाए

देखूं ना तो दिल घबराए

हर आहट पर तुमको चाहूँ

ऐसा मेरा प्रेम है न्यारा।


छुप-छुप कर जब भी मैं देखूं

प्रतिविम्ब तुम्हारा दर्पण में

हलचल सी होने लगती है

घबराए ये दिल बेचारा।


प्रेम की ये सच्ची परिभाषा

अभिलाषा में तेरी आशा

कर दूं अब मैं अर्पण तुमको

अपना ये मैं जीवन सारा।


इक दूजे का साथ हमारा

लगता है ये हमको प्यारा

साथ न छूटे कभी हमारा

रिश्ते का ये बंधन प्यारा।


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