STORYMIRROR

SURYAKANT MAJALKAR

Romance

2  

SURYAKANT MAJALKAR

Romance

ऐ दिल

ऐ दिल

1 min
18

ऐ दिल, यूं तड़पना अच्छा नहीं

उन्हे दूसरों की बाहों में है समाना

तुम्हारा घुट घूटकर जीना अच्छा नहीं।

 

किसी और दिन मुलाकात होगी।

आज मिलने का वक्त अच्छा नहीं।


अंधेरे में आँसू दिखते नहीं, लेकिन

उजाले में झूठी मुस्कान लेकर

जीना अच्छा नहीं।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance