" अच्छाई बनाम बुराई "
" अच्छाई बनाम बुराई "
अच्छाई जो अच्छे गुणों को दर्शाता है,
बुराई जो बुरे गुणों का दर्शाता है,
अच्छाई और बुराई जीवन के दो पहलू हैं,
जीवन में हमें दोनों का सामना करना पड़ता है,
पर, अच्छा लोग अच्छी संगति को अच्छी होती है ,
बुरे लोगों की संगति बुरी होती है,
लेकिन यह भी सत्य है कि आदमी
जन्म से अच्छा या बुरा नहीं होता ।
परवरिश, परिस्थिति और संगति के
कारण ही लोग अच्छे या बुरे होते हैं,
अच्छाई का परिणाम अच्छा और
बुराई का परिणाम बुरा होता है।
अच्छे लोग भलाई का कार्य करते हैं,
बुरे लोग दूसरे को कष्ट देते हैं,
और अपने कर्मों के हिसाब से उन्हें,
अपना परिणाम भुगतना पड़ता है।
स्वर्ग और नर्क इसी को पारिभाषिक करता है,
अच्छाई करने वाला स्वर्ग जाता है,
बुराई करने वाला नर्क जाता है,
खाली हाथ लोग आते हैं, खाली हाथ
लोग जाते हैं,
कर्मों के अनुसार ही उनका भाग्य
लिखा जाता है,
इसलिए इन्सान को अच्छाई बनाम
बुराई की
पहचान होनी चाहिए जिससे कि,
उनके जीवन की नइया ईश्वर रूपी
नदिया में डुबकी लगा सके ।
