अबके बरस होली में...
अबके बरस होली में...
इस बार की रँगीली होली में,
आयेंगे ज़ब मिलने सैयां हमार !
मैं दिल से खुशियाँ मनाऊंगी,
करूंगी मैं अपना सोलह श्रंगार !
जब वो पाहुना मेरे घर आयेंगे,
हमदोनों की सुहाग सेज सजायेंगे !
करुंगी खूब प्यार भरी बातें उनसे,
पहनाउंगी उन्हें अपनी बाहों का हार !
अबके बरस होली उन्हें रंग लगाएंगे,
फूलों का सुन्दर गजरा हम लगायेंगे !
बन ठनकर पायलिया भी छनकाएँगे,
जाऊंगी अपने सजना पर मैं बलिहार !
जब वो आयेंगे,छ्प्पन भोज लगायेंगे,
सब उनके संग मिलकर जश्न मनाएँगे !
ना छोड़ेंगे उन्हें, करेंगे रंगों की बौछार,
प्रियतम को दूँगी अपना प्यार बेशुमार !

