STORYMIRROR

sandeeep kajale

Inspirational

3  

sandeeep kajale

Inspirational

अब लड़ना है

अब लड़ना है

1 min
364



ज़िन्दगी झुलसती ना रहे

किसी का अन्याय हम ना सहे


बुझ जाये ये अंधेरी रात

कहने दो हमे हमारी बात


तोड़ देनी है सारी जंजीरे

फेंक देनी है धोखे की खंजीरे


बदलेंगे सब, रहेंगे साथ

नहीं लौटना है खाली हाथ


हम करेंगे अपना इन्साफ़

दुश्मन नहीं होंगे माफ़


कोई ना चेहरा, हमारा बिगाड़े

ना लहराता आँचल फाड़े


रहे हमारी गरिमा सलामत

वरना, हम भी करेंगे बगावत


देखनी है एक सुबह नई

सपने भरे हो इनमें कई


आगे एक कदम बढ़ना है

खुद के लिए हमे, अब लड़ना है


                     


  







Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational