STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Abstract Romance

4  

सोनी गुप्ता

Abstract Romance

अब किसका इंतजार है

अब किसका इंतजार है

1 min
164

राह कब से तुम तकते रहे हो हमारी

कह दो अब तुम्हें हमसे ही प्यार है

 प्रेम बनकर हम तुम्हारे दिल में बसे

मुझे तुम्हारी हर बातों का ऐतबार है

अब तो कह दो हमारा इंतजार है I 


कह दो न हमसे जो मन में तुम्हारे बसा हुआ है

माना तुम्हारी हमारी यह पहली मुलाक़ात है

हम बीते सुनहरे पलों को समेटकर चले थे 

तुम्हारे आने से जीवन में बसंत बहार है

तुम जीवन में हमारे खुशनुमा बहार हो

पहली बारिश की हल्की सी फुहार हो

मुझे तुम्हारी हर बातों का ऐतबार है

अब तो कह दो हमारा इंतजार है I 


इन्तजार में तुमने प्रेम की झड़ी लगाईं

सच कहते तुम जीवन की अंनत गहराई हो

तुम्हीं मेरे इस जीवन रूपी नाव की पतवार हो

इन्तजार में कभी धूप तो कभी छाँव का बसेरा है

अब खत्म कर दो इंतज़ार आया सुखों का सवेरा है

दिल से कहते हम मुझे तुम्हारी हर बातों का ऐतबार है

बस सुनना चाहते हैं अब तो कह दो बस हमारा इंतजार है I


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract