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मधुशिल्पी Shilpi Saxena

Romance

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मधुशिल्पी Shilpi Saxena

Romance

आज़माइश

आज़माइश

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आज़माइश हमारे प्यार की

वो इस तरह करते रहे


मेरे लिखे ख़तों को वो

टुकड़े-टुकड़े करते रहे


कहते हैं इम्तिहान है ये

ज़ालिम तेरी मोहब्बत का


ऐसे संगदिल की मोहब्बत में

हम फ़ना होते रहे।


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