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Veena Siddhesh

Abstract


4.4  

Veena Siddhesh

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आत्म अनुभूति

आत्म अनुभूति

1 min 52 1 min 52

वक़्त नहीं जो गुज़र जाऊं मैं

नशा भी नहीं कि उतर जाऊं मैं


मैं वो ख़ुशबू हूं,जो रहती है इन फिज़ाओं में

मीठी आवाज़ हूं, बहती है जो सदाओं में


वजूद मेरा मिटाना चाहो तो मिटा न पाओगे

ख़ाक भी कर दो तो घुल जाऊंगी हवाओं में।


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