STORYMIRROR

Sarita Gupta

Inspirational

3  

Sarita Gupta

Inspirational

आसमान के माथे पर

आसमान के माथे पर

1 min
246

संभाव्य-संकल्प का, देने प्रमाण चले,

माटी से उठकर हम भरने उड़ान चले,

हौसलों के दम पर, जीतने अभिमान चले,

विश्वास की सीढ़ी लिए, चढ़ने आसमान चले।


ऊंचाइयों को नापने, माटी के लाल चले,

नभ का अहम तोड़ने, नन्हे स्वाभिमान चले,

स्वयं को सिद्ध करने आज हम इंसान चले,

देने अपनी पहुँच का, फिर से इम्तिहान चले।


आसमान के माथे पर, लिखने तकदीर चलेंं,

निगाहों में उसकी, आँकने अपनी तस्वीर चलेंं,

भय और सीमाओं की तोड़ कर जंजीर चलें,

मानवता के क्षितिज तक कृष्ण सह कबीर चलें।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational