STORYMIRROR

Dr Rishi Dutta Paliwal

Inspirational

3  

Dr Rishi Dutta Paliwal

Inspirational

आशा की किरण

आशा की किरण

1 min
131

आशा की किरण अंधेरे में भी रहती है, 

खोजना पड़ता है अंधेरे में जाकर।

अंधेरे में दीपक जलाना पड़ता है बाहर से आकर।

खुश होता है हर कोई रोशनी को पाकर।

चलो अंधेरा छंटा, लग रहा था अटपटा।

अब रोशनी ने बादलों की दिखाई घटा।

रोशनी तो रोशनी है, जनाब छुपाए थोड़े ही छिपती है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational