।।आओ समंदर बन जाएं।।
।।आओ समंदर बन जाएं।।
हो जिस मानव का मन विशाल
बन जाती खुशियाॅ॑ उसकी है ढाल
संकीर्ण मानसिकता को त्यागो
हे सोए हुए मानस तुम जागो
मिल कर गीत खुशी के गाएं
आओ समंदर बन जाएं।
हिल मिल कर साथ चलें हम
हर बाधा को पार करें हम
तूफानों से हम संघर्ष करेंगे
हर मुश्किल राह से दूर करेंगे
निर्मल जल गंगा हो जाएं।
मन में असीम गहराई रखो
थोड़ी सी मन में चतुराई रखो
पर दिल में सदा सच्चाई रखो
मेहनत की सदा कमाई रखो
आओ स्वच्छ समाज बनाएं
आओ समंदर बन जाएं।
मन में उत्साह तरंगे रखो
शीतल तन और मन को रखो
हर राह तुम्हे मिल जाएगी
खुद मंजिल पास बुलाएगी
चलो अरमानों का महल बनाएं
आओ समंदर बन जाएं।
