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Anupama Sham

Abstract Tragedy Inspirational

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Anupama Sham

Abstract Tragedy Inspirational

आंसू

आंसू

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आंखों के आंसू 

होते हैं सच्चे

जब भूख लगती है

रोते हैं बच्चे


जब मन दुखी होता है

निकल आते हैं आंसू

जब पूरी नहीं होती है 

हमारे दिल की आरजू


किसी के मौत पर

मन आता है भर

आंसू निकल आते हैं

थोड़ा रो लेते हैं लोग सब


जब कोई आसमान छूता है

तो खुशी के आंसू निकलते हैं

जब बच्चों का खिलौना टूटता है

तो आंखों से आंसू निकलते हैं 


रोना कमज़ोरी नहीं है

बस निकल आते हैं 

आंखों से कभी कभी

खुशी में कभी, दुःख में कभी ।



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