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राहुल द्विवेदी 'स्मित'

Romance

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राहुल द्विवेदी 'स्मित'

Romance

आँसू बन बह जाता हूँ

आँसू बन बह जाता हूँ

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तुझको सोचूँ तो आँखों से आँसू बन बह जाता हूँ ।

गीत, ग़ज़ल, कविता, छंदों में तुझको ही कह जाता हूँ ।

तेरा साथ अगर है तो मैं एक समन्दर जैसा हूँ ।

तुझको खोकर सोचूँ तो बस कतरा भर रह जाता हूँ ।।


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